पत्रकार से अभद्रता… प्रेस क्लब ने की कड़ी निंदा
मंदसौर। कांग्रेस द्वारा आयोजित अफीम नीति के विरोध में धरना प्रदर्शन दिया जा रहा था इसी दौरान पत्रकार कमलेश मोदी अपने आईडी के साथ कांग्रेस के युवा नेता सोमिल नाहटा से अफीम नीति पर चर्चा कर रहे थे। सोमिल नाहटा अफीम नीति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे थे तभी अचानक पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल ने आकर पत्रकार कमलेश मोदी के साथ अभद्रता पूर्वक व्यवहार करना प्रारंभ कर दिया जो की एक सामंतवादी मानसिकता का प्रतीक है।
अपने राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को वे सहन नहीं कर पाए इस कारण उन्होंने पत्रकारों को घटनास्थल से बाहर निकालने के निर्देश दिए। बहस के दौरान पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का यह व्यवहार चिंता का विषय है एवं लोकतंत्र में पत्रकार भी एक विपक्ष का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है परंतु उसके साथ ऐसा अपेक्षा पूर्ण व्यवहार निंदनीय है, प्रेस क्लब मंदसौर ऐसे सभी कृत्य की निंदा करता है, जो पत्रकार विरोधी मानसिकता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को इस दिशा में सोच कर विचार व्यवहार करना चाहिए। यदि पत्रकार नहीं होंगे तो विपक्ष की भूमिका भी दबा दी जाएगी। पत्रकारों के महत्व को लोकतंत्र में कम नहीं किया जा सकता। प्रेस क्लब अध्यक्ष ईश्वर रामचंदानी, उपाध्यक्ष डा. प्रीतिपालसिंह राणा, सचिव महावीर जैन, सहसचिव नरेंद्र धनोतिया, कोषाध्यक्ष अजय बाड़ोलिया सहित पत्रकार जगत ने इस घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से अपेक्षा की है कि वे हस्तक्षेप कर ऐसे जनप्रतिनिधियों को पत्रकारों के साथ सद व्यवहार के लिए मार्गदर्शन दें।
पत्रकार कमलेश मोदी के साथ पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल एवं उनके पुत्र द्वारा कथित तौर पर अपशब्द और धक्का-मुक्की किए जाने की घटना की विधिवत थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है, प्रेस क्लब ने कड़े शब्दों में ऐसी मनोवृति और ऐसी घटनाओं की निंदा करता है। प्रेस क्लब अध्यक्ष ईश्वर रामचंदानी एवं सचिव महावीर जैन ने घटना को अशोभनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है, जो जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य करता है। ऐसे में पत्रकार के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करना न केवल उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाना है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता के मूल्यों पर भी आघात है।
प्रेस क्लब अध्यक्ष ईश्वर रामचंदानी एवं सचिव महावीर जैन ने कहा कि असहमति का जवाब अभद्रता और दबाव से देना किसी भी जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार व्यक्ति को शोभा नहीं देता। यदि किसी समाचार, विचार या रिपोर्टिंग को लेकर मतभेद हैं, तो उनका समाधान लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से किया जाना चाहिए। प्रेस क्लब ने संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार दोहराया न जाए।






