मंदसौर। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट का कार्य मंदसौर शहर में चल रहा। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमारी और हुई मौतो की जवाबदारी जिम्मेदारों की व्यवस्था की गलती का परिणाम है। यह बात मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की वेबसाइट पर एक सदस्य न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में दी गई है।
इंदौर में वर्ष 1995 में सीवरेज लाइन डालने का कार्य हुआ था लेकिन निगरानी और रखरखाव के अभाव में कई स्थानों पर दोनों पाइप लाइन समानांतर होने से सीवरेज का गंदा पानी, पीने के पानी की पाइप लाइन में प्रवेश कर गया इसे गंभीर तकनीकी जोखिम माना गया है, साथ ही इसे भागीरथपुरा की घटना का मुख्य कारण जांच में माना गया। इंदौर के भागीरथपुरा में सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट में तकनीकी त्रुटि से इतनी बड़ी घटना हो गई है। इस घटना से प्रेरणा लेकर मंदसौर शहर में चल रहे सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट पर सुव्यवस्थित कार्य, वरिष्ठ अधिकारियों की मानीटरिंग शहर में जनता की जान को सुरक्षित रखने हेतु, वरिष्ठ अधिकारियों की समिति का गठन सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट हेतु करने की मांग जिला कलेक्टर दिव्यांकसिंह से पूर्व पार्षद विजय गुर्जर ने की है।
कलेक्टर दिव्यांकसिंह को जानकारी देते हुए विजय गुर्जर ने बताया कि वर्तमान में मंदसौर शहर में सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट का कार्य चल रहा है। इस कार्य में पाइप लाइन डालने में लेवल का ध्यान दिए जाने की बहुत आवश्यकता है, सीवरेज में पाईप गुणवत्ता वाले ही डाले जाए ताकि भविष्य में सीवरेज का पानी लीकेज होकर पीने के पानी में प्रवेश नहीं कर पाए जिससे मंदसौर की जनता हमेशा सुरक्षित रहे, चैंबरों का भी निर्माण ओर लेवल गुणवत्ता वाला हो ताकि नागरिकों को भविष्य में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, घरों से चेंबर में डालने वाली लाइन को समान रूप से सही लेवल से व्यवस्थित डाला जाए आने वाले समय में रहवासियों को किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, मास्टर प्लान ओर सीवरेज प्लान के अनुसार ही सीवरेज लाइन का कार्य किया जाए जिससे कि मंदसौर के आमजन के लिए यह कार्य आफत नहीं बने।
विजय गुर्जर ने कलेक्टर दिव्यांकसिंह से मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाकर सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कराई जाए, जिससे यह कार्य गुणवत्तापूर्ण मंदसौर शहर में पूरा हो सके और मंदसौर शहर के नागरिकों को भागीरथपुरा जैसी घटना से सुरक्षित रखा जा सके।











