मंदसौर। गायत्री शक्तिपीठ पर निशा दीदी और पवन भैया कुशल टोली द्वारा आयोजित पांच दिवसीय आवासीय निःशुल्क कन्या कौशल प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह आयोजित हुआ।
जिला समन्वयक जसवंतसिंह राठौर ने बताया कि शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से आई कन्याओं ने पांच दिनों तक गायत्री उपासना, योग-प्राणायाम, स्वास्थ्य संरक्षण, व्यक्तित्व विकास, भारतीय संस्कृति, नारी जागरण, यज्ञ शिक्षा, युग संगीत, खेल एवं नैतिक शिक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उज्जैन उप झोन समिति सदस्य ईश्वरलाल फरक्या ने बताया कि समापन समारोह में कन्याओं ने अपने अनुभव साझा किए, कन्याओं ने कहा कि इस शिविर ने उनके जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा का नया संकल्प जगाया हैं। जिला समन्वय समिति सदस्य चन्द्रकला सेठिया ने बताया कि शिविर के दौरान कन्याओं को गायत्री मंत्र साधना, दैनिक उपासना, समय प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी घरेलू उपाय, भारतीय आदर्श नारियों के प्रेरक प्रसंग तथा आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा दी गई। साथ ही प्रत्येक प्रतिभागी को निशुल्क गणवेश एवं आवश्यक साहित्य और देवचित्र भी प्रदान किया गया। समापन अवसर पर गायत्री परिवार के मध्यप्रदेश युवा प्रकोष्ठ समन्वयक विवेक चौधरी ने कहा कि आज की कन्याएं ही कल की संस्कारित माताएं, सशक्त महिलाएं और राष्ट्र निर्माता बनेगी। यदि नारी जागृत होती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होता हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रतलाम के पूर्व विधायक पारस दादा ने बेटियों को महाभारत और रामायण के प्रेरणाप्रद दृष्टांत सुनाते हुए कहा कि हमारे जीवन में जब हम तपस्या करते हैं तो पहले राक्षस आते हैं, हमारे दोस्त के रूप में वो हमें गलत-गलत प्रलोभन देंगे और तुम्हारे जीवन को नष्ट कर देंगे। लेकिन हमें स्वविवेक से निर्णय लेकर सही मार्ग पर चलना हैं। सभी कन्याओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उन्होंने अपने जीवन में नियमित उपासना, स्वाध्याय, अनुशासन और समाजसेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में एडवोकेट सत्येंद्रसिंह सोम, दिलीप माहेश्वरी आदि उपस्थित थे।










