मंदसौर। लोगों को लालच देकर करोड़ों रुपये निवेश करवाने के बाद भागे बदमाशों को पुलिस ने पकड़ लिया हैं। तकनीक का इस्तेमाल करने में पूर्णत: दक्ष आरोपी एक वर्ष से पुलिस को चकमा रहे थे। गिरोह का मुख्य मुख्य सरगना एथिकल हेकर का कोर्स कर चुका हैं। पुलिस से हर संभव बचने के प्रयास में इसी दक्षता का फरारी के दौरान वे उपयोग कर रहे थे। इस गिरोह के द्वारा सुनियायेजित तरीके से 20 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की ठगी की थी। फरारा आरोपियों पर मंदसौर पुलिस अधीक्षक द्वारा 5000-5000 रूपये का ईनाम भी घोषित किया हुआ था।
मामले का खुलासा शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम पर पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक विनोदकुमार मीना द्वारा किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया की थाना व्हायडी. नगर में अपराध क्रमांक 002/25 धारा 318(4),316(5) बीएनएस एवं 6(1) म.प्र. निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधि. 2000 के आरोपी अजय पिता महेश राठौर निवासी मल्हारगढ़ एवं आदित्य पिता शिवलाल पालीवाल निवासी पिपलियामंडी को गिरफ्तार किया गया हैं।
यह गिरोह इस तरह करता था वारदात
प्रकरण का मुख्य आरोपी अजय राठौर पिता महेश राठौर मुख्य सरगना होकर क्रोलिक नामक एक कंपनी की शुरुआत कर स्थानीय लोगों से चैन सिस्टम के आधार पर जुड़कर निवेश करने के लिये प्रलोभित करता था, भोले-भाले लोगों को निवेश करवाकर करोड़ों रुपए एकत्र करवा लिये गए। इसी निवेश की आड़ में आरोपी अजय ने अपने गिरोह के अन्य सदस्य आदित्य पालीवाल के साथ मिलकर उक्त निवेश राशि से ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट अनाधिकृत रूप से करता रहा तथा इन्वेस्टर्स को 15 प्रतिशत रिटर्न का लालच व प्रलोभन देकर उनसे करोड़ों रुपए निवेश के नाम पर एकत्रित कर लिए गए। प्रारंभ में आरोपियों द्वारा निवेशकों को रिटर्न स्वरूप कुछ राशि समय-समय पर प्रदाय की जाने से निवेशकों में निवेश करने की उत्सुकता को बढ़ावा दिया गया। इसी प्रकार जब करोड़ों रुपए का निवेश एकत्र हो गया तब गिरोह के सदस्यों द्वारा कंपनी को बंद कर फरार हो गए।
हरियाणा के फरीदाबाद से किया गिरफ्तार
आरोपी अजय राठौर व आदित्य पालीवाल स्थानीय लोगों से क्रोलिक कंपनी बनाकर उसमें निवेश के नाम पर 20 करोड रुपए से अधिक राशि की ठगी कर लगभग 1 वर्ष से फरार थे। उपरोक्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम शिवांशु मालवीय निरीक्षक थाना प्रभारी व्हायडी नगर, उप निरीक्षक रितेश नगर प्रभारी सायबर सेल व उपनिरीक्षक विनय बुंदेला थाना व्हायडी नगर के नेतृत्व में आरोपियों की तलाश के लिये तकनीकी डाटा संकलन करना प्रारंभ किया गया। आरोपी के संबंध में डेटा विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का सुराग हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर में उपस्थित होना पता चला। इसके बाद पुलिस टीम द्वारा हरियाणा राज्य के फरीदाबाद पहुंची तकनीकी एवं जमीनी स्तर पर कार्य कर प्रत्येक दिशा में गहन विश्लेषण के आधार पर प्रकरण के दोनों आरोपी अजय राठौर एवं आदित्य पालीवाल को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।
हेकिंग का ज्ञान होने से अजय पुलिस से बचने के लिये कर रहा था तकनीक का उपयोग
गिरोह के दोनों आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष होकर आरोपी अजय राठौर को पूर्व से एथिकल हेकिंग का सम्पूर्ण ज्ञान होने से पुलिस से बचाव के हर तकनीक को अच्छे से उपयोग कर रहा था। आरोपियों द्वारा सीम रहित मोबाईल उपयोग करना, प्रोक्सी नेटवर्क उपयोग करना, वर्चुअल लोकेशन स्थापित करना आदि कार्यो में पूर्णरूपेण दक्ष होने से पुलिस टीम के सामने एक बड़ी चुनौती थी। गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा अपने गहन तकनीकी विश्लेषण, कार्य कौशल व व्यावसायिक दक्षता तथा कार्य कुशलता के आधार पर दोनों आरोपियों को कढ़ी दर कढ़ी तकनीकी साक्ष्य संकलित कर तकनीकी, मैदानी, कार्य विवेचन करने के उपरांत दोनो आरोपियों को लगभग 1 वर्ष की फरारी के बाद पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। आरोपियो से, गबन किये गये रूपयो के संबंध मे पुछताछ, संपत्ति एवं लिक्विड मनी की जांच की जा रही हैं।
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ये है गिरफ्तार आरोपी
अजय पिता महेश राठौर उम्र 30 वर्ष निवासी मल्हारगढ़ मंदसौर
आदित्य पिता शिवलाल पालीवाल उम्र 26 वर्ष निवासी पिपलियामंडी जिला मंदसौर
जप्त मशरूकाः
01 लैपटाप, 01 एप्पल आई पैड, 03 मोबाईल, 01 थार कुल कीमती 20 लाख रूपये।
सफलता प्राप्त करने वाली पुलिस टीम
निरीक्षक शिवांशु मालवीय थाना प्रभारी व्हायडी नगर, उप निरीक्षक रितेश नागर प्रभारी सायबर सेल, उप निरीक्षक विनय बुंदेला थाना व्हायडी नगर, प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी सायबर सेल, प्रधान आरक्षक दशरथ मालवीय, प्रधान आरक्षक मुजफ्फर उद्दीन व आरक्षक मनीष बघेल सायबर सेल का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा।
मंदसौर पुलिस की अपील
मंदसौर जिले की समस्त जनता एवं जन सामान्य से विशेष अपील की जाती हैं कि बिना जांचे परखे किसी भी दिखावे में या प्रलोभन में आकर अपनी मेहनत की कमाई को ठगो के झांसे से बचाये। बिना सोचे समझे या सलाह परामर्श के बिना किसी भी स्कीम या फर्जी कंपनी में निवेश न करें अन्यथा ठगो द्वारा आपका अर्जित धन आसानी से हड़प कर लिया जा सकता हैं। सतर्क रहे। सावधान रहे। जागरूक बने।










