

मंदसौर। गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य सहित जिले में लदूना तालाब, मल्हारगढ़ तालाब, तेलिया तालाब सहित लगभग 40 वेटलैंड साइट (आद्रभूमि) क्षेत्रों में 3 व 4 जनवरी को प्रथम एशियन वॉटरबर्ड सेंसस आयोजित किया गया। वनमंडल अधिकारी संजय रायखेरे द्वारा बताया गया की इस अभ्यास के माध्यम से प्रवासी और स्थानीय जलपक्षियों की गणना सहित उनकी प्रजातीय विविधता का सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण में वन विभाग सहित जिले के स्थानीय पक्षी प्रेमियों (वालंटियर्स) एवं वाइल्ड लाइफ वारियर के सदस्यों ने भाग लिया। ये पक्षी सर्दियों में अनुकूल तापमान और भोजन के लिए गांधीसागर के बेकवाटर क्षेत्र में आते हैं, जिससे इस क्षेत्र का पारिस्थितिक महत्व बढ़ जाता हैं। इस सर्वेक्षण में पेंटेड स्टार्क, वूली नेक्ड स्टार्क, रूडी शाल डक जेसे पक्षियों के साथ-साथ पेंटेड स्पर्फाउल, रेड क्रेस्टेड पाचार्ड, डालमेटियन पेलिकन, ग्रेट थिक नी, चेस्टनट बेलीड सैंडग्राउज़, ब्लक्क टेल्ड गॉडविट, इंडियन ईगल उल्लू, पक्षास गल, पलिड हरियर जाने पक्षियों सहित लगभग 169 प्रजातियों के पक्षी दिखाई दिए। जो पक्षियों के लिए आवश्यक क्षेत्र की अनुकूलता को दर्शाता हैं। इस सेंसस से प्राप्त आंकड़े वश्विक जलपक्षी डाटाबेस में शामिल किए जाएंगे और प्रवासी पक्षियों के संरक्षण की याजनाओं को बनाने में मदद करेंगे।










